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"हर सवाल का जवाब दूंगा, उठकर मत जाना", विधानसभा में भिड़े सीएम विजय और उदयनिधि

 Written By: Kajal Kumari
 Published : Sep 03, 2026 09:20 pm IST,  Updated : Sep 03, 2026 11:56 pm IST

तमिलनाडु में एक बार फिर सीएम विजय और विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन के बीच बहस हो गई। विपक्ष के सवालों पर सीएम ने कहा, मैं हर सवाल का जवाब दूंगा, लेकिन उठकर मत जाइएगा।

तमिलनाडु के सीएम विजय- India TV Hindi
तमिलनाडु के सीएम विजय Image Source : PTI

तमिलनाडु विधानसभा में गुरुवार को उस समय हंगामा हो गया जब DMK ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर सत्ताधारी TVK सरकार को घेरने की कोशिश की। इसके जवाब में, मुख्यमंत्री विजय अपनी सीट से उठे और कहा कि वह अगले सोमवार को विपक्ष द्वारा उठाए गए हर सवाल का जवाब देंगे। न्यूज़ एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने स्पीकर से यह सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया कि जब मैं सदन में जवाब दूं तो DMK सदस्य मेरे भाषण के दौरान अपनी सीटों पर ही बैठे रहें और सदन से बाहर न जाएं।

उदयनिधि ने सरकार से पूछा सवाल

विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने न केवल ड्रग्स के प्रसार को रोकने में पिछली DMK सरकार के कामकाज की TVK द्वारा बार-बार की जा रही आलोचना पर सवाल उठाए, बल्कि यह भी पूछा कि अगर पिछली सरकार के प्रयास नाकाफी थे, तो मौजूदा सरकार ने उन दो सीनियर पुलिस अधिकारियों को प्रमोशन क्यों दिया, जो DMK के कार्यकाल के दौरान उन्हीं विभागों के प्रमुख थे।

स्टालिन ने यह भी कहा कि राज्य में अपराध के साथ-साथ POCSO (बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण) के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि उनकी सरकार ने पीड़ितों की मदद करने और उन्हें जल्द न्याय दिलाने के लिए स्पेशल कमेटियां और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOPs) बनाए थे।

सीएम विजय ने क्या दिया जवाब
स्टालिन के आरोप सुनने के बाद, विजय अपनी सीट से उठे और स्पीकर की ओर मुड़कर बोले, "माननीय स्पीकर, माननीय सदस्यों द्वारा उठाए गए सभी सवालों का मैं सोमवार को आने पर साफ़-साफ़ जवाब दूंगा। भले ही मैं यहां न रहूं, मुझे जानकारी मिलती रहेगी कि कौन क्या सवाल पूछ रहा है। मैं हर बात का साफ़ जवाब दूंगा। आपके ज़रिए मेरी एक गुज़ारिश है — कोई भी उठकर चला न जाए।"

स्टालिन ने सरकार पर कई आरोप भी लगाए, खासकर लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शनों और छात्रों के विरोध को संभालने के तरीके को लेकर। उन्होंने मरीना बीच पर NEET-विरोधी प्रदर्शनों समेत विरोध-प्रदर्शनों को दबाने की कोशिशों और राजनीतिक दखलंदाज़ी की आलोचना की। उन्होंने कहा, हमें उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री जवाब देंगे। लेकिन उन्होंने कहा कि वह सोमवार को जवाब देंगे और सदन से बाहर चले गए।"

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